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महिला आयोग की चेतावनी: दुर्ग रेलवे स्टेशन प्रकरण में DGP को FIR दर्ज कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश

रायपुर। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने सख्त कदम उठाया है। महिलाओं का आरोप है कि बजरंग दल के तीन कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौच और अश्लील हरकतें की। शिकायत के बावजूद पुलिस ने अभी तक FIR दर्ज नहीं की।

महिला आयोग ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि 15 दिनों के भीतर तीनों महिलाओं की अलग-अलग FIR दर्ज कर रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए। साथ ही, आयोग ने दुर्ग एसपी और DRM के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने रायपुर स्थित कार्यालय में सुनवाई करते हुए बताया कि आरोपियों ने महिलाओं के साथ जातिसूचक अपशब्द भी कहे। आयोग ने CCTV फुटेज की मांग की थी, लेकिन केवल एक गेट की रिकॉर्डिंग उपलब्ध हुई, जिससे साक्ष्य छिपाने का प्रयास प्रतीत हुआ। आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिन में FIR दर्ज नहीं होती है, तो मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तक जाएगा।

अन्य प्रकरणों में राहत:

  • आयोग ने 67 वर्षीय वृद्ध महिला को भरण-पोषण राशि दिलाने में मदद की। आवेदिका को पति से प्रति माह 15 हजार रुपए मिलने का आश्वासन मिला।
  • घरेलू विवादों में आयोग ने मध्यस्थता कर समाधान किया, जहां पति ने गाली-गलौच करने से मना किया और माफी मांगी।
  • एक अन्य मामले में बिना तलाक दिए दूसरी शादी का विवाद आयोग की मध्यस्थता से सुलझाया गया। आयोग ने न्यायालय में लंबित भरण-पोषण मामले का ध्यान रखते हुए प्रकरण को नस्तीबध्द किया।

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के इस कदम को महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग लगातार महिलाओं के उत्पीड़न और अन्याय के मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

 

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